हमारे लिए कहना उचित नहीं होगा. जहाँ सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार "जहां जल जीवन हरियाली" मिशन के तहत पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहे हैं. वहीं बेगूसराय जिला के साहेबपुर कमाल प्रखंड अंतर्गत न्यू जाफर नगर गांव के रेलवे लाइन के उत्तरी छोर में अवस्थित 5 एकड़ का बगीचा अतिक्रमणकारियों के संलिप्त है. साथ ही बगीचा के अंदर अवस्थित बरसों पुराना मंदिर लाल माता का वह भी असुरक्षित है. साथ ही उन सभी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. जो अभी- आवश्यकता है। बता दें कि चारों तरफ हरियालीओं से परिपूर्ण एक सुंदर सा बगीचा है. जिसमें विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी तथा जानवर पाए जाते थे. मगर अफसोस मानवीय स्वॉर्थ के द्वारा यहां की हरियाली को नष्ट कर दिए जा रहे हैं. और ऐसा प्रतीत हो रहा है। की धीरे-धीरे पूरा बगीचा नष्ट हो जाएगा.
मै ये नहीं कहता चाहता हूं. कि ये काम हमारे मुख्यमंत्री जी को करना होगा. कुछ काम हमारे स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कर सकते हैं. जिस तरह से हमारे बिहार के मुख्यमंत्री पर्यावरण पर ध्यान रखते हुए 7 करोड़ वृक्ष लगाने का संकल्प लिए है. उसी तरह हर मनुष्य को अपने धरती बचाने के लिए वृक्ष लगाना कर्तव्य बनता है. लेकिन सबसे पहला सवाल यह है कि पहले से लगे वृक्ष को कौन संरक्षित करेगा. इसके लिए भी तो कोई योजना बनाना चाहिए.
इसी के तहत मैं अपने गांव के सभी नौजवानों तथा बुद्धिजीवियों से आग्रह करना चाहूंगा. कि लाल माता स्थान में लगे बगीचों को बर्बाद होने से बचाए. नहीं तो जिस तरह से दिन प्रतदिन बृक्ष काटे जा रहे है. उस तरह एक भी वृक्ष नहीं बच पाएंगे. जल जीवन हरियाली योजना के तहत मानव श्रृंखला में युवाओं ने अपनी भूमिका निभाई. उसी तरह उम्मीद लगा सकते है.
कि लाल माता स्थान के बगीचे को बचाने के लिए हमारे गांव के युवा साथी आगे आएंगे.
लाल माता स्थान एक मंदिर ही नहीं बल्कि पूरे जिला का धरोहर है. तथा पर्यटन स्थलों में से एक है. दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा के लिए यहां आते हैं. यहां तक कि बगीचा के बगल में गड्ढे को तलाब बनाने के लिए अब तक किसी ने नहीं सोचा.कुछ अतिक्रमण कारियों द्वारा अभी भी वह गड्ढा बे मुक्त है. उसमें खेती की जाती है. कई वर्षों से उस गड्ढे में न्यू जाफर नगर गांव के माताएं छठ मैया का पर्व मनाते आ रहे हैं. पर कभी कभी पानी रहती है. तो कभी नहीं...
इसी गड्ढा के कारण वर्ष 2019 में दो नवजात बच्चों की मौत भी हो गई थी. अगर तलाव होता तो दो बच्चे की मौतें नहीं होती...???
युवा लेखक:-
SAURAB SUMAN✍🏻
लाल माता स्थान एक मंदिर ही नहीं बल्कि पूरे जिला का धरोहर है. तथा पर्यटन स्थलों में से एक है. दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा के लिए यहां आते हैं. यहां तक कि बगीचा के बगल में गड्ढे को तलाब बनाने के लिए अब तक किसी ने नहीं सोचा.कुछ अतिक्रमण कारियों द्वारा अभी भी वह गड्ढा बे मुक्त है. उसमें खेती की जाती है. कई वर्षों से उस गड्ढे में न्यू जाफर नगर गांव के माताएं छठ मैया का पर्व मनाते आ रहे हैं. पर कभी कभी पानी रहती है. तो कभी नहीं...
इसी गड्ढा के कारण वर्ष 2019 में दो नवजात बच्चों की मौत भी हो गई थी. अगर तलाव होता तो दो बच्चे की मौतें नहीं होती...???
युवा लेखक:-
SAURAB SUMAN✍🏻


4 टिप्पणियाँ
आप इसी तरह इस चीज को दिखाते रहिए आपकी बात सरकार तक जरूर पहुंचेगी
जवाब देंहटाएंआभारी..
हटाएंबोलने या लिखने से कुछ नहीं होता
जवाब देंहटाएंभाई कुछ करना है तो करो नहीं तो मूकदर्शक बन के आराम से बैठो
जरूरी नहीं है कि अगर हम लिखें या सोचे तो हम ही करेंगे..........
हटाएं